मनोहर पारिकर ने कहा है, केजरीवाल की जबान मोदी जी के खिलाफ बोलने के कारण कटी हैं।
कुछ फुटकर अनुमान-
* पारिकर का यह बयान उनकी मौलिक खोज नही हैं, बल्कि सोशल मीडिया के इनपुट्स पर भारत सरकार की अतिशय निर्भरता हैं।
देखिए यह सरकार जमीन से कितनी जुड़ी हुई हैं।
* देश में रक्षामंत्री को गहरा और तीक्ष्ण बुद्धि होना ही चाहिये। पता लगता है की वर्तमान रक्षामंत्री की बुद्धि गहनता कितनी छिछली है।
* गोवा में आम आदमी पार्टी की बढ़ती हुई लोकप्रियता और जनाधार से पारिकर बौखला गए हैं। दो बाते हैं;
एक तो यह की रक्षा मंत्री के तौर पर वे गुड्डे की तरह बैठे है। निर्णय नही कर पा रहे है, सो गोवा भागना चाहते है।
दूसरी बात यह कि, गोवा और दिल्ली दोनों के राजनीतिक भविष्य के प्रति शंकित पारिकर केजरीवाल पर हमला बोलकर अपनी क्षत्रपी बचा लेना चाहते है।
'टूटटी फिसलती जबाने'
Sunday, 18 September 2016
पारिकर-केजरीवाल
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politics
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