देखो ! तुमसे प्रेम तो हैं, मगर तुम्हारी बैचेन गति देख कर ठहर जाता हूँ। ऐसी गति मुझे पा कर छोड़ने का अग्रिम संकेत हैं। लगता है तुम मुझे नही किसी और वस्तु को प्राप्त करना चाहते हो, मैं रास्ता या किनारा भर हूँ। इसीलिए तुम्हारी लाख बैचेन साँसों के बावजूद मैं तुम्हारे प्रेम की शांतिपूर्ण मृत्यु की सघन प्रार्थना करता हूँ हर शाम।
'मृत प्रेम की कथा'
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