Thursday, 26 May 2016

गर्भवती भैंस

गर्भवती चौपाये के लिए जमीन पर बैठना बहुत दर्दनाक प्रक्रिया होती है। गर्भवती भैंस सबसे पहले अपने शरीर को लम्बा खींचती है , रीढ़ की हड्डी के बीच शिशु के वजन को स्थिर करने की कोशिश में अपनी गर्दन आगे की ओर खींच लेती है । ततपश्चात अपने भार को लगभग रोकते हुए अगले दोनों घुटनों को एक एक करके सख्त जमीन पर गाढ़ती है , इस दौरान जमीन में धँसे कंकर पत्थर घुटनों में धँस जाते है कई बार । फिर पिछला एक पैर क्रोस रखते हुए पुट्ठे के सहारे गिरती है और दूसरा पैर इस दौरान जमीन पर टिका आखरी संतुलन का आधार बना होता है ।
वापस खड़े होते समय यही प्रक्रिया रिवर्स में अपनाई जाती है । पहले पिछले पैरों को खड़ा करना और फिर आगे के घायल घुटनों के बल ऊखडू उठने का प्रक्रम । सृजन से जुड़ी एक एक एक छोटी घटना दर्द और श्रम से जुड़ी है , प्रकृति कठोर माँ है ।

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